Movie Review: No Means No का मैसेज देती है 'अनारकली ऑफ आरा'
कहानी
यह कहानी बिहार के आरा जिले की रहने वाली स्टेज गायिका चमकी देवी की परफॉर्मेंस से शुरू होती है। अचानक एक एक्सीडेंट में उनकी डेथ हो जाती है, जिसके 12 साल बाद उनकी बेटी अनारकली (स्वरा भास्कर) उसी बैंड के सदस्यों के साथ परफॉर्म करना शुरू करती है। इसके लिए रंगीला (पंकज त्रिपाठी) उसका साथ दिया करता है। लेकिन कहानी में ट्विस्ट तब आता है, जब लोकल दबंग धर्मेंद्र चौहान उर्फ वीसी (संजय मिश्रा) अनारकली के साथ जोर जबरदस्ती करने लगता है। फिर कहानी बिहार से दिल्ली जाती है। अनारकली वीसी के खिलाफ मोर्चा खोल देती है। लेकिन अपनी जंग में उसे कैसे-कैसे हालातों से गुजरना पड़ता है। यह जानने के लिए आपको फिल्म देखनी होगी।
डायरेक्शन
फिल्म का डायरेक्शन और लोकल लोकेशन कमाल की हैं, जो आपको जमीनी हकीकत से जोडे रखती है। साथ ही फिल्म की एडिटिंग भी बहुत ही स्मार्ट तरीके से की गई है, जिसे देखकर नहीं लगता की डायरेक्टर के तौर पर अविनाश की यह पहली फिल्म है। फिल्म की कहानी बहुत ही रॉ और रियल लगती है। हालांकि कुछ भी नया नहीं है। लेकिन पेश करने का ढंग और एक-दूसरे से जुड़ती ककड़ियां आपको बांधे रखती हैं। 113 मिनट की फिल्म में आपको बहुत ही दमदार अभिनय के साथ साथ तरह-तरह की जमीनी सच्चाई भी पता चलती हैं। फिल्म के डायलॉग्स और छोटे-छोटे वन लाइनर्स 'गैंग्स ऑफ़ वासेपुर' की याद दिलाते हैं।
स्टारकास्ट की परफॉर्मेंस
स्वरा भास्कर का काम काफी दिलचस्प और उम्दा है। उन्होंने अपने किरदार को बखूब निभाया है। साथ ही संजय मिश्रा, पंकज त्रिपाठी को देखकर लगता है कि आखिर उन्हें बेहतरीन एक्टर्स क्यों कहा जाता है। बहुत ही कमाल का अभिनय इन दोनों स्टार्स ने किया है। बाकी को-स्टार्स का काम भी अच्छा है।
म्यूजिक
कहानी के लिहाज से फिल्म का म्यूजिक सटीक बैठता है। रामकुमार सिंह और डॉक्टर सागर के लिखे हुए शब्द, गाने में फिट बैठते हैं।
देखें या नहीं
स्टार्स की बेहतरीन एक्टिंग के साथ किसी अच्छी कहानी की तलाश में हैं तो यह फिल्म आपके लिए है।

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