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Friday, 2 June 2017

फर्जी नहीं है 'बिहार टॉपर' गणेश, सुर-ताल से लेकर समाजशास्त्र के सिद्धांत तक पर है कमांड


बिहार में इंटरमीडिएट के नतीजों पर एक बार फिर से सवाल उठने लगे हैं. पिछले साल की तरह इस साल भी सवाल टॉपर की योग्यता को लेकर खड़े हुए. गणेश को 500 में 413 नंबर मिले हैं.

दरअसल इंटर के नतीजों में कला संकाय में गणेश ठाकुर टॉपर बनें लेकिन रिजल्ट जारी होने के दो दिनों तक वो मीडिया की पहुंच से दूर रहे. गुरूवार को जब गणेश मीडिया के कैमरों के सामने आये तो उनके रियलिटी चेक करने की बारी आयी जिसमें गणेश काफी हद तक खरे उतरे.

गणेश ने टॉपर की तर्ज पर इतिहास से लेकर हिन्दी और समाजशास्त्र तक के सवालों का सही जवाब दिया. सवाल गणेश के परीक्षा में संगीत विषय को चुनने और उसमें मिले मार्क्स को लेकर भी था जिसमें उन्हें प्रैक्टिकल के 70 में से 65 अंक हासिल किए थे. 

24 साल की उम्र में इंटर की परीक्षा को पास कर टॉपर बने गणेश को संगीत जैसे विषय में इतना ज्यादा अंक मिला कि यह सवाल उठे कि कहीं गणेश कुमार फर्जी टॉपर तो नहीं? लेकिन गणेश ने कैमरे के सामने ताल और सुर की जानकारी भी दी. मीडिया ने जब गणेश से उनके लापता होने के बारे में पूछा तो उन्होंने बताया कि चाचा के देहांत होने के कारण वो गांव चले गये थे. गणेश ने बाबर से लेकर हुमायुं तक के क्रम को और साइकोलॉजी से लेकर सोशियोलॉजी तक की स्पेलिंग भी बताया और समाजशास्त्र के सिद्धांतों को भी समझाया. उन्होंने बताया कि पारिवारिक परिस्थितियों के कारण पढ़ाई छोड़नी पड़ी लेकिन दिल में फिर से एक सरकारी नौकरी पाने की इच्छा हुई तो दोबारा पढ़ाई जारी कर दी.

गिरिडीह से समस्तीपुर के सफर के बारे में गणेश का बताना है की गरीबी से जुझते हुए वो समस्तीपुर पंहुचे और अख़बार तक बेचा. गणेश ने शिवाजीनगर के संजय गाँधी उच्च विधालय लछमिनिया से मैट्रिक की परीक्षा दी थी और उन्होने प्रथम श्रेणी से परीक्षा उत्तीर्ण किया.

गणेश के मुताबिक समय अभाव के कारण रेगुलर क्लास नहीं कर पाते थे.रिजल्ट के बारे में गणेश ने बताया कि प्रथम श्रेणी से पास होने की उम्मीद तो थी, लेकिन सूबे में टॉप करने की उम्मीद नहीं थी.

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